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The H-1B Visa Guide: Everything You Need to Know

H-1B वीजा नियम : $100K फीस, वेज-वेटेड लॉटरी और भारतीय आईटी पेशेवरों पर असर

 

अमेरिका में काम करने के इच्छुक भारतीय आईटी पेशेवरों और टेक कंपनियों के लिए 2026 में आव्रजन (Immigration) नियमों में भारी फेरबदल देखा गया है। अमेरिकी आव्रजन सेवा (USCIS) द्वारा जारी किए गए नए दिशानिर्देशों ने वीज़ा स्पॉन्सरशिप और चयन की प्रक्रिया को पहले से कहीं अधिक सख्त बना दिया है।


1. H-1B वीजा क्या है और 2026 में इसमें क्या मुख्य बदलाव हुए हैं?

H-1B एक नॉन-इमिग्रेंट वर्क वीजा है जो अमेरिकी नियोक्ताओं को विदेशी विशेषज्ञों को अपने यहाँ नियुक्त करने की इजाजत देता है। 2026 में पारंपरिक रैंडम लॉटरी प्रक्रिया के स्थान पर योग्यता और वेतन-आधारित वरीयता को प्राथमिकता दी जाने लगी है।


2. $100,000 सप्लीमेंटल फीस नियम की पूरी हकीकत

अमेरिकी सरकार द्वारा विदेश से सीधे भर्ती किए जाने वाले नए H-1B कर्मचारियों पर $100,000 (लगभग 84 लाख रुपये) की पूरक फीस (Supplemental Fee) लागू की गई है। इस नियम का मुख्य उद्देश्य कंपनियों को स्थानीय अमेरिकी नागरिकों को नौकरी देने के लिए प्रोत्साहित करना है।

ध्यान दें: यह फीस केवल विदेश (जैसे भारत) से सीधे नए H-1B पर बुलाए जाने वाले कर्मचारियों पर लागू होती है। पहले से अमेरिका में रहकर H-1B ट्रांसफर या एक्सटेंशन कराने वालों को इससे राहत दी गई है।

3. वेज-वेटेड (Wage-Weighted) लॉटरी सिस्टम कैसे काम करता है?

पुराने भाग्य-आधारित लॉटरी सिस्टम के बजाय अब आपके वेतन (Prevailing Wage Level) के आधार पर लॉटरी में नाम चुने जाने की संभावना तय की जाती है:

Wage Level कर्मचारी का स्तर चयन की संभावना
Wage Level IV सीनियर / एक्सपर्ट अत्यधिक उच्च (High)
Wage Level III अनुभवी पेशेवर मध्यम-उच्च
Wage Level II मिड-लेवल वर्कर सामान्य
Wage Level I एंट्री-लेवल / फ्रेशर कम (Low)

4. भारतीय आईटी कंपनियों और इंजीनियर्स पर इसका सीधा प्रभाव

TCS, Infosys, Wipro और HCL जैसी भारतीय कंपनियों के लिए ऑन-साइट इंजीनियरों को भेजना अब बहुत महंगा हो गया है। इसके परिणामस्वरूप, कंपनियां अब अमेरिका में पहले से मौजूद OPT छात्रों या H-1B ट्रांसफर उम्मीदवारों की भर्ती को अधिक प्राथमिकता दे रही हैं।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. क्या $100,000 फीस का भुगतान कर्मचारी को करना होता है?

नहीं, अमेरिकी नियमों के अनुसार वीज़ा फीस का पूरा भुगतान स्पॉन्सर करने वाले एम्प्लॉयर (कंपनी) को ही करना होता है।

Q2. क्या नए नियमों से F-1 OPT छात्रों को नुकसान होगा?

यदि उनकी सैलरी का टियर (Wage Level) कम है तो लॉटरी में अवसर थोड़े कम हो सकते हैं, लेकिन उन्हें $100k फीस से छूट मिलती है।

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